गुजरना नहीं चाहता हूँ, फिर उसी खता से... डर सा लगता हैं, अब उसकी वफ़ा से... गुजरना नहीं चाहता हूँ, फिर उसी खता से... डर सा लगता हैं, अब उसकी वफ़ा...
इश्क़ ही आदत है इश्क़ इबादत है, इश्क़ सच्ची रीत है इश्क़ ही प्रीत है, इश्क़ हम भी हैं इश्क़ ही आदत है इश्क़ इबादत है, इश्क़ सच्ची रीत है इश्क़ ही प्रीत है, इश्क़ ...
तुझे रोक ना सके इसलिए शायद मेरे इश्क में ही कोई कमी है! तुझे रोक ना सके इसलिए शायद मेरे इश्क में ही कोई कमी है!
तू तो फरेबी है, अपनी आंखों के जाल से यूं खंजर ना मारा कर और, ना तड़पा आशिकों को यूं अ तू तो फरेबी है, अपनी आंखों के जाल से यूं खंजर ना मारा कर और, ना तड़पा आशिक...
यह कविता एक प्रेमी के मन के भाव दर्शाती है। यह कविता एक प्रेमी के मन के भाव दर्शाती है।
ये कविता दर्शाती है की जिंदगी कभी कभी बहुत कुछ दे कर भी कुछ प्यास बाकी रखती है। ये कविता दर्शाती है की जिंदगी कभी कभी बहुत कुछ दे कर भी कुछ प्यास बाकी रखती है।